Thursday, April 3, 2014

बदलाव वहाँ करें जहाँ इसकी जरुरत है...



अगर हम अपने आस-पास और अपने जीवन की परिस्थितियों से खुश नहीं हैं तो जाहिर है कुछ बदलाव की सख्त जरूरत है. लेकिन अगर हम गौर से देखें तो बदलाव तो हम लगातार करते आ रहे हैं.

हम लगातार अपने घर में सामान बदल रहे हैं, अपने काम भी बदल रहे हैं, अपने घर भी बदल रहे हैं,अपने लक्ष्य भी बदल रहे हैं, कपङे और आभूषण भी बदल रहे हैं, यहाँ तक की कु्छ लोग तो अपने पार्ट्नर भी बदल लेते हैं लेकिन खुशी और संतुष्टि फिर भी जीवन से कहीं दूर है तो सबसे पहले अपने अंदर झाँकिये, बदलाव की जरुरत यहाँ है. मेरे जीवन में घट रही खराब चीजों के लिये दूसरे लोग बाद में दोषी हैं, पहले मैं हूँ. मेरे दुख और परेशानियों के लिये पहला कसूर उन फैसलों का है जो मैंने किये हैं. अगर आपके साथ अच्छा नही हो रहा है तो सबसे पहले अपने अंदर झाँकिये.

बकौल गालिब -
उम्र भर गालिब यही भूल करता रहा,
धूल चेहरे पे थी, आईना साफ करता रहा.

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